अंतरराज्यीय परिषद का गठन

अंतरराज्यीय परिषद का हाल ही में पुनर्गठन किया गया। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा को अंतरराज्यीय परिषद से हटा दिया गया है तथा मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और कानून एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद को इसमें शामिल किया गया है।

10 कैबिनेट मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री इस परिषद में स्थायी आमंत्रित होते हैं। प्रकाश जावड़ेकर और रविशंकर प्रसाद के अलावा सुरेश प्रभु, रामविलास पासवान, हरसिमरत कौर बादल, जुएल ओरम और थावर चंद गहलोत स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं। स्थायी आमंत्रित में स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल और निर्मला सीतारमण भी शामिल हैं।

केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय के लिए मई 1990 में अंतरराज्यीय परिषद की स्थापना की गई थी। कई राज्यों के समान हित वाले विषयों पर चर्चा और सुझाव देने के लिए इसकी स्थापना की गई थी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष 16 जुलाई को लगभग 10 वर्षों के अंतराल पर परिषद की बैठक की अध्यक्षता की थी। इससे पहले परिषद की बैठक 9 दिसंबर 2006 को हुई थी।

परिषद के सदस्य: सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, विधानसभा वाले केंद्रशासित प्रदेश के मुख्यमंत्री, बिना विधानसभा वाले केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासक और छह केंद्रीय मंत्री परिषद के सदस्य होते हैं। वर्तमान में छह केंद्रीय मंत्री—राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, एम. वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी और मनोहर पर्रीकर इसके सदस्य हैं।

परिषद की राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्थायी समिति के 11 सदस्य होते हैं। चार केंद्रीय मंत्री—सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वेंकैया नायडू और नितिन गडकरी इसके सदस्य हैं। सात राज्यों—आंध्र प्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, ओडिशा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इसके सदस्य हैं।

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