अमेरिका ‘ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप’ से बाहर

अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक व्यापार समझौते  ‘ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप’ (टीपीपी) से बाहर निकलने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर दस्तख़त कर दिया है | ऐसा कर उन्होंने अपने चुनावी अभियान में किए गए एक वादे को पूरा किया है | इस व्यापार समझौते को पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की एशिया नीति की धुरी माना जाता था जिस पर 12 देशों ने हस्ताक्षर किए थे |

क्या है ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप व्यापार समझौता?

टीपीपी प्रशांत महासागरीय क्षेत्र के चारों ओर अवस्थित 12 राष्ट्रों का एक व्यापार समझौता है , इस समझौते के अंतर्गत अमेरिका, जापान, मलेशिया, वियतनाम, सिंगापुर, ब्रूनेई, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैण्ड, कनाडा, मेक्सिको, चिली तथा पेरू आदि देश शामिल है |

इस प्रकार का यह एक सबसे महत्वाकांक्षी समझौता है इसका उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों के मध्य आयत-निर्यात पर लगने वाले शुल्क में कमी लाना है ,इस समझौते में शामिल सभी देशों की आबादी तकरीबन 800 मिलियन है तथा इनके द्वारा ही विश्व का 40% व्यापार सम्पन्न होता है ,स्पष्ट है कि इन सभी देशों में यूरोपीय संघ के देशों के इर्द-गिर्द एक एकाकी बाज़ार के सृजन का भी सामर्थ्य है |

टीपीपी व्यापार समझौते से लाभ :

टीपीपी के माध्यम से  कुछ मामलों में सम्पूर्ण शुल्क को तुरंत हटा दिया जाएगा और अन्य में कुछ समय के पश्चात ,इसके अतिरिक्त, जापानी कार निर्माताओं जैसे टोयोटा, निसान और हौंडा की पहुँच उनके सबसे बड़े निर्यात बाज़ार (अमेरिका) में भी आसान हो जाएगी|

 यदि वियतनाम और मलेशिया जैसे बाज़ारों के शुल्क में 70 % तक की कमी कर दी जाती है तो अमेरिका के वाहन निर्यातकों को एक नया बाज़ार मिल जाएगा, इस समझौते से अमेरिकी किसानों तथा पोल्ट्री फर्मों को तो लाभ प्राप्त होगा साथ ही वियतनामी वस्त्र निर्यातकों को भी लाभ मिलने की भी सम्भावना बनी रहेगी|यद्यपि डेयरी,चीनी,शराब,चावल और सीफूड में भी कर कि दरों को कम कर दिया गया है तथा जिसके फलस्वरूप निर्यातक देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैण्ड को इससे लाभ प्राप्त होता है| विदित हो, कि इस समझौते के तहत सेवाओं में भी मुक्त व्यापार को उदारीकृत रखा गया है|

अमेरिका टीपीपी समझौते से बाहर क्यों-

दरअसल,राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चुनावी अभियान के दौरान ही टीपीपी समझौते को एक ‘भयानक समझौता’ अथवा ‘रोजगार का हत्यारा’ तथा ‘अपने देश के लिए एक संभावित आपदा’ करार दिया था,21 नवम्बर को राष्ट्रपति ने ढाई घंटे का एक वीडियो जारी किया था जिसमे उन्होंने यह कहा था कि उनके कार्यालय में प्रवेश के पहले दिन ही अमेरिका टीपीपी समझौते से बाहर हो जाएगा| मि. ट्रम्प अपने वक्तव्यों पर अडिग हैं|

उन्होंने वाइट हाउस में पहले सप्ताह ही अमेरिका के टीपीपी से निष्कासन को लेकर कार्यपालिका के एक आदेश पर हस्ताक्षर किये हैं, बहुराष्ट्रीय समझौतों के स्थान पर ट्रम्प ऐसे स्पष्ट और द्विपक्षीय समझौतों को करने के पक्षधर हैं जिससे अमेरिकी तटों पर पुनः रोजगार और उद्योगों को विकसित किया जा सके|