बॉक्‍सिंग एक ऐसा कॉम्‍बैट स्‍पोर्ट्स है जि‍समें 2 खि‍लाड़ी अपनी शक्‍ति‍ के साथ-साथ अपनी फुर्ती, इच्‍छाशक्‍ति‍, सहजता और धीरज का प्रदर्शन करते हैं. इस प्रति‍रोधी खेल में मोटे-मोटे ग्‍लब्‍स पहने दो लोग जब एक दूसरे को मुक्‍के मारते हैं तो देखने वालों को बड़ा मजा आता है, लेकि‍न अपनी सहजता दि‍खाने के लि‍ए खि‍लाड़ि‍यों को कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है. बॉक्‍सिंग आज ओलम्पिक से लेकर कॉमनवेल्‍थ तक इंटरनेशनल लेवल के हर मंच पर स्‍वीकृत है. बॉक्सिंग मुख्यतः दो तरह की होती है:

1.ऐमेचर बॉक्सिंग: ओलिंपिक्स और कॉमनवेल्थ समेत दुनिया की तमाम इंटरनैशनल प्रतियोगिताओं में होती है।

2.प्रफेशनल बॉक्सिंग: बड़ी-बड़ी कंपनियां प्रमोटर होती हैं और दुनिया भर के अलग-अलग देशों में प्रफेशनल बॉक्सरों के बीच कॉम्पिटिशन कराती हैं। इसमें पैसा बहुत ज्यादा मिलता है। प्रफेशनल खेलनेवाले आमतौर पर एमेचर में लौट नहीं पाते, क्योंकि दोनों को खेलने का तरीका अलग होता है।

इतिहास और रोचक तथ्य

1.इसके प्रारंभ के बारे में कोई ख़ास जानकरी नहीं लेकिन तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व मिली सुमेरियाई नक्काशी में पहली लड़ाई चित्रित है, जबकि दूसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व की प्राचीन मिस्र की नक्काशी में प्रारंभिक योद्धा तथा दर्शक, दोनों ही चित्रित हैं। दोनों ही चित्रण अनावृत मुट्ठियों वाले प्रतियोगियों को दर्शाते हैं|

2.होमर के इलियड (Iliad) (ca. 675 ई.पू.) में किसी मुक्केबाज़ी प्रतियोगिता का पहला विस्तृत विवरण प्राप्त होता है (पुस्तक XXIII).इलियड के अनुसार, माइसीनियाई योद्धाओं ने प्रतिस्पर्धाओं में मुक्केबाज़ी को भी शामिल किया था|

3.688 ई.पू. में पहली बार मुक्केबाज़ी को ऑलिम्पिक खेलों में सम्मिलित किया गया, जिसे पाइगेम (Pygme) अथवा पिग्माशिया (Pygmachia) कहा जाता था।

4.रोमन साम्राज्य के पतन के बाद मुक्केबाज़ी की प्राचीन गतिविधियों के रिकॉर्ड लुप्त हो गए बाद में अठारहवीं सदी के प्रारंभ में यह खेल इंग्लैंड में खुली अंगु्लियों वाली मुक्केबाज़ी, जिसे अक्सर प्राइज़फाइटिंग (prizefighting) भी कहा जाता है, के रूप में पुनः उभरा. इंग्लैंड में खुली-अंगुलियों वाली लड़ाई का पहला लेखबद्ध विवरण 1681 में लंडन प्रोटेस्टंट मर्क्युरी में प्रदर्शित हुआ और 1719 में जेम्स फिग खुली-अंगुलियों वाले खेल का पहला विजेता बना|

5.1838 में लंदन पुरस्कार रिंग के नियम संहिताबद्ध किये गये बाद में 1853 में संशोधित किया गया जिसके कई भाग आज भी नियमों में शामिल किये जाते हैं|

6.1867 में लिली ब्रिज (Lillie Bridge), लंदन में कम-भार (Lightweights), मध्यम-भार (Middleweights) तथा उच्च-भार (Heavyweight) वाले शौकिया खिलाड़ियों के लिये प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और नियम भी निर्धारित किये गये जिन्हें मार्क्वेस ऑफ क्वीन्सबेरी नियम के नाम से जाना जाता है|

शब्दावली

ऑग्जिलरी प्वाइंट सिस्टम, बैबिट पंच, ब्रेक, कट, डिफेंस, डाउन, हुक, जैब, लाइंग ऑन, नॉक, सेकेंड्स आउट, स्लैम, अपर कट, वेट इन, विन बाइ नॉक-आउट।

प्रमुख खिलाड़ी

मोहम्मद अली, माइक टाइसन, जूलियो सीजर शावेज, जो लुईस, जैक जॉनसन, जैक डेम्‍पसे, हेनरी आर्मस्‍ट्रॉग, शुगर रे रॉबि‍न्‍सन, डि‍औंटे वाइल्‍डर, फलॉयड मेयवेदर,मैनी पैकिआओ और विजेंदर सिंह  मैरी कोम


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