खेल(शतरंज)

शतरंज (चैस) दो खिलाड़ियों के बीच खेला जाने वाला एक बौद्धिक एवं मनोरंजक खेल है। समझा जाता है कि यह खेल मूलतः भारत का आविष्कार है, जिसका प्राचीन नाम था- ‘चतुरंग’; जो भारत से अरब होते हुए यूरोप गया और फिर १५/१६वीं सदी में तो पूरे संसार में लोकप्रिय और प्रसिद्ध हो गया। शतरंज एक ऐसा खेल जो चुनौती से भरा है, एक ऐसा खेल जिसे हर कोई खेल नहीं सकता, इसे खेलने के लिए तेज़ दिमाग चाहिए। यह कोई साधारण खेल नहीं, भले ही इसमें शारीरिक ताकत ना लगती हो लेकिन फिर भी यह खेल अन्य कई खेलों से बढ़कर है।

शतरंज का इतिहास

इसके बारे में अधिकारिक जानकारी ज्यदा उपलब्ध नहीं लेकिन माना जाता है आज से लगभग 2000 साल पहले इसी तरह का खेल भारत में खेला जाता था , महाभारत में भी इस से मिलते जुलते खेल चौपड़ का भी वर्णन मिलता है|
280-550 ई में गुप्त साम्राज्य के दौरान इसका प्रारंभ माना जाता है और आगे आने वाले 1200 वर्ष के दौरान ये अरब होते हुए यूरोप तक पंहुचा जिसमे सन 1475 के लगभग इसमें बहुत बदलाव किये गये और इस नए बदले खेल को स्पेन और इटली में अपनाया गया
सामान्य जानकारी
1.शतरंज एक चौपाट (बोर्ड) के ऊपर दो व्यक्तियों के लिये बना खेल है। चौपाट के ऊपर कुल ६४ खाने या वर्ग होते है, जिसमें ३२ चौरस काले या अन्य रंग ओर ३२ चौरस सफेद या अन्य रंग के होते है। खेलने वाले दोनों खिलाड़ी भी सामान्यतः काला और सफेद कहलाते हैं। प्रत्येक खिलाड़ी के पास एक राजा, वजीर, दो ऊँट, दो घोडे, दो हाथी और आठ सैनिक होते है। बीच में राजा व वजीर रहता है। बाजू में ऊँट, उसके बाजू में घोड़े ओर अंतिम कतार में दो दो हाथी रहते है। उनकी अगली रेखा में आठ पैदल या सैनिक रहते हैं।
2.एक मैच में केवल दो ही खिलाड़ी होते हैं|
3.आम तौर पर 10 से 60 मिनट, टूर्नामेंट खेल दस मिनट से छह घंटे या अधिक समय के लिए होता है|
रोचक तथ्य
ब्रिटेन के पुरातत्व विशेषज्ञों के एक दल ने कुछ ऐसे प्रमाण खोज निकाले हैं जिनसे ये साबित होता है कि यूरोप के निवासी छठी शताब्दी से ही शतरंज खेलना जानते थे दक्षिणी अल्बानिया स्थित बायज़ेनटाईन महल में हुई खुदाई में हाथी दाँत से बना शतरंज का एक मोहरा मिला है, जो अब तक शतरंज के इतिहास में मिले सभी प्रमाणों के इतिहास से पाँच सौ साल पुराना है|

ब्रिटेन के ईस्ट ऐंग्लिया विश्वविद्यालय की निगरानी में हुई इस खुदाई से यह स्पष्ट होता है कि यूरोप में शतरंज का इतिहास काफ़ी पुराना है|अब तक शतरंज के इतिहासकारों का यह मानना था कि यूरोप में बारहवीं सदी के दौरान ही यह खेल प्रचलित हुआ.यानी चीन, भारत और प्राचीन फ़ारस में खेल की शुरूआत होने के सात सौ साल बाद,शतरंज का यह मोहरा इतना पुराना होने के बावजूद थोड़ा ही क्षतिग्रस्त है|पुरातत्व दल को प्राचीन शहर बट्रिंट में खुदाई के दौरान यह मोहरा मिला.

प्रमुख खिलाड़ी
मीर सुल्तान खान, गेरी कास्पारोव,विश्वनाथन आनंद,व्लादिमीर क्रैमनिक,कोनेरु हम्पी,नन्दिता बी और मैग्नस कार्लसन

प्रतियोगिता
विश्व चेम्पियनशिप, राष्ट्रीय चेम्पियनशिप

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