खेल (वालीबॉल)

वालीबॉल एक ऐसा खेल है जो अमेरिका और यूरोप में में प्रारंभ हुआ और ख़ासा लोकप्रीय है। इसके मैदान की लंबाई १८ मीटर एवं चौड़ाई ९ मीटर होती है।भारत में अब वॉलीबॉल गांवों, कस्बों और यहां तक की शहरों तक में खासा लोकप्रिय हो चुका है। वॉलीबॉल के इतना लोकप्रिय होने का कारण यह है इसकी बहुत कम लागत।वॉलीबॉल की लोकप्रियता का कारण यह है कि यह दिन भर आफिस में टेबल चेयर पर काम करने वालांे के लिए वर्जिश और खुद को चुस्त करने का जरिया।

इतिहास और रोचक तथ्य

1.इसकी शुरुआत अमेरिका में सन1895 में हुई बताई जाती है। इसके जनक विलियम मॉर्गन थे।

2.कुछ ही वर्षों में ये खेल कनाडा, बर्जील,पेरू,प्युटो रिको, मैक्सिको और उरुग्वे में होते हुए 20 सदी में यूरोप पहुंचा|

3.1914 में ये इंग्लैण्ड में तो 1915 तक फ़्रांस और स्पेन में लोकप्रीय हो चुका था|

4.अन्तराष्ट्रीय वालीबॉल संघ की स्थापना सन 1947 में फ़्रांस में की गयी|

5.1951 तक ये भारत में भी प्रसिद्द हो चुका था और इसी वर्ष इसे एशियन गेम्स में शामिल किया गया|

6.ओलोम्पिक में इसको 1964 में शामिल किया गया|

7.इसके खेल के मैदान को वॉलीबॉल कोर्ट कहा जाता है। वॉलीबॉल कोर्ट 18 मीटर लंबा और 9 मीटर चौड़ा होता है।

8.वॉलीबॉल में दो टीमें आमने-सामने कोर्ट पर होती हैं। हर टीम में हालांकि कुल 12-12 खिलाड़ी होते हैं लेकिन कोर्ट पर मैच के वक्त 6-6 खिलाडि़यों के रहने की इजाजत होती है।

9.वॉलीबॉल की बॉल 260 से 280 ग्राम तक की होनी चाहिए।

11.वॉलीबॉल का नेट साढ़े नौ मीटर लंबा और एक मीटर चौड़ा होता है।

प्रमुख खिलाड़ी

पुरुष– बलवंत सिंह, नृपजीत सिंह, रणवीर सिंह, जिमी जॉर्ज, श्यामसुंदर राव, रमन राव, जी. ई. श्रीधरन, अब्दुल बसीत , सुखपाल सिंह, उदय कुमार और अमीर सिंह|

महिला– कुमारी सेली जोसेफ,शिवानी गुप्ता, ज्योति सिन्हा|

शब्दावली

एस, बेसलाइन, ब्लॉकिंग, डबलिंग, फुट फॉल्ट, हीव, होल्डिंग, जंप सेट, लोब पास, लब ऑल, प्वाइंट, क्विक स्मैश, स्पाइक, सर्विस, स्काउटिंग, टेक्टिकल बॉल, विंडमिल सर्विस, वॉली।

प्रमुख प्रतियोगिता

ओलोम्पिक , एशियन गेम्स, राष्ट्रीय प्रतियोगिता