डीएनए कंप्यूटर

यू.के. के मैनचेस्टर विश्वविद्यालय में जीव विज्ञान और कंप्यूटर विज्ञान पर आधारित एक संयुक्त कार्य के अंतर्गत शोधकर्ताओं द्वारा अत्यधिक तीव्र गति से चलने वाला एक ऐसा कंप्यूटर बनाया गया है जो कार्य संपादन (Functioning) के लिये डीएनए (Deoxyribonucleic Acid – DNA) अणुओं का उपयोग करता है| वस्तुतः डीएनए को एक ऐसे कोड के रूप में जाना जा सकता है जो सभी सजीवों के लक्षणों का निर्धारण करता है|

क्या है डीएनए कंप्यूटर?

1.डीएनए कंप्यूटिंग की अवधारणा सर्वप्रथम वर्ष 1994 में प्रस्तुत की गई थी| आँकड़ों का संग्रहण करने में सक्षम इस डीएनए आधारित कंप्यूटर को महान गणितज्ञ एलन ट्यूरिंग के नाम पर एन.यू.टी.एम. (Nondeterministic Universal Turing Machine – NUTM) का नाम प्रदान किया गया है|

2.इस व्यवस्था में डीएनए से बनी ऐसी बायोचिप्स का उपयोग किया जाता है जो स्वयं को संख्या के रूप में गुणन करके एक ही बार में बिलियन गणनाएँ करने में सक्षम होती हैं| इसकी मुख्य विशेषता स्वयं को गुणित करने तथा एक साथ कई गणनाएँ करने की, इसकी योग्यता है|

3.किसी भी जीव के डीएनए में बहुत सी ऐसी जानकारियों को संगृहीत करने की सक्षमता विद्यमान होती है जिन्हें केवल आँकड़ाबद्ध तरीके से ही संचित किया जा सकता है| यह डीएनए ही होता है जो किसी नए जीव में उसके माता-पिता के गुणों एवं रंग-रूप को हस्तांतरित करता है|

4.जहाँ एक सामान्य कंप्यूटर के विपरीत (जो एक गणना के पश्चात् ही दूसरी गणना करता है) एक डीएनए कंप्यूटर स्वयं की कई प्रतियाँ बनाकर एक ही बार में कईं गणनाओं को सम्पन्न करने में सक्षम है| यह कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक और क्वांटम दोनों प्रकार के कंप्यूटरों से श्रेष्ठ कार्य करने तथा अत्यधिक गति अर्जित करने में सक्षम होगा|

5.ये डीएनए अणु परंपरागत स्टोरेज उपकरणों की तुलना में कईं बिलियन गुना आँकड़ों का संग्रहण करने में सक्षम है| डीएनए की प्रचुर उपलब्धता के कारण यह एक सस्ता संसाधन भी है| एक डीएनए कंप्यूटर पर्यावरण के अनुकूल और सुगठित आकार का होगा|

6.चूँकि डीएनए के अणु बहुत छोटे होते हैं अतः एक डेस्कटॉप डीएनए, विश्व के सभी इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटरों द्वारा संयुक्त रूप से प्रयोग किये जा रहे प्रोसेसरों की तुलना में अत्यधिक प्रोसेसरों का इस्तेमाल करने में सक्षम है|

7.संबंध में शोधकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किये गए शोधपत्रों में एनयूटीएम के लिये एक विशेष प्रकार के भौतिक डिज़ाइन को भी उल्लिखित किया गया है| जिसे थुए व्यवस्था (String Rewriting System) कहा गया है|इस डिज़ाइन के अंतर्गत डीएनए की घातीय अंकों को दोहराने की क्षमता का इस्तेमाल किया जाता है|

8.वर्तमान में डीएनए कंप्यूटिंग का क्षेत्र अपनी प्रारंभिक अवस्था में है| अत: कार्य करने में सक्षम डीएनए कंप्यूटर को विकसित करने में अभी और अधिक लम्बा समय लगने की संभावना है| हालाँकि, इस कंप्यूटर के निर्माण की प्रगति की दर जो भी हो इसके निर्माण की संकल्पना अत्यंत आकर्षक है|

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