भारत बना विश्व का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश

हाल ही में वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (Stockholm International Peace Research Institute-SIPRI) द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक़ हथियार और रक्षा उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं होने से भारत विश्व का सबसे बड़ा हथियार आयातक बनकर उभरा है।

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पाँच वर्षों में भारत के हथियार और रक्षा उपकरणों के आयात में 24% तक की वृद्धि देखने को मिली है।

क्या है SIPRI?

SIPRI एक स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय संस्थान है जिसकी स्थापना 1966 में हुई थी।

यह संस्था युद्धों तथा संघर्ष, युद्धक सामग्रियों, हथियार नियंत्रण और निरस्त्रीकरण के क्षेत्र में शोध का कार्य करती है और नीति निर्माताओं, शोधकर्त्ताओं, मीडिया और इच्छुक लोगों को आँकड़ों का विश्लेषण और सुझाव उपलब्ध कराती है।

इसका मुख्यालय स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में है और इसे विश्व के सर्वाधिक सम्मानित थिंक टैंकों की सूची में शामिल किया जाता है।

रिपोर्ट के मुख्य तथ्य

1.2013-17 की अवधि में वैश्विक स्तर पर हथियारों और रक्षा उपकरणों के आयातों में भारत की हिस्सेदारी 12 फीसदी रही है।

2.इसमें यह भी बताया गया है कि 2008-12 और 2013-17 के बीच भारत के हथियार आयातों में 24% तक की वृद्धि देखने को मिली है।

3.रिपोर्ट के मुताबिक़ रक्षा सबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के मामले में भारत लंबे समय से रूस और इज़राइल पर निर्भर रहा है।किंतु पिछले कुछ वर्षों से हिंद महासागर और एशिया में चीन की सक्रियता को देखते हुए अमेरिका और भारत के बीच रक्षा संबंधों में काफी प्रगति हुई है।

4.पिछले पाँच सालो की तुलना में 2013-17 में अमेरिका ने भारत को हथियारों के निर्यात में 550% तक की वृद्धि की है। परिणामस्वरूप अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्त्ता बन गया है।

5.पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच हुए 15 अरब डॉलर के रक्षा संबंधी समझौतों में इसे स्पष्टतया देखा जा सकता है।

6.2013-17 की अवधि में भारत ने सबसे ज्यादा हथियार रूस (62%), अमेरिका (15%) तथा इज़राइल (11%) से आयात किये।

7.इसके विपरीत इसी अवधि के दौरान अमेरिका से पाकिस्तान को हथियारों के आयात में 76% की कमी आई है और पाकिस्तान चीनी हथियारों के निर्यात का सबसे बड़ा प्राप्तकर्त्ता है।

8.वर्ष 2013-17 में संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, फ्राँस, जर्मनी और चीन पाँच सबसे बड़े निर्यातकों के रूप में उभरे हैं जिनकी वैश्विक स्तर पर हथियारों के कुल निर्यात में 74% की हिस्सेदारी थी।

9.भारत के बाद सर्वाधिक हथियार आयात करने वाले देशों की सूची में सऊदी अरब (10%), मिस्र (4.5%), संयुक्त अरब अमीरात (4.4%), चीन (4.0%), ऑस्ट्रेलिया (3.8%), अलजीरिया (3.7%), इराक (3.4%), पाकिस्तान (2.8%) और इंडोनेशिया (2.8%) आदि देश शामिल हैं।

10.भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन के बीच तनाव के कारण भारत की बड़े हथियारों की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

11.यह दिखाता है कि एक तरफ जहाँ हथियार आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये भारत की आयातों पर निर्भरता बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ 2008-12 से 2013-17 के बीच चीन के हथियारों के आयात में 19% की गिरावट आई है।

12.2013-17 में चीन दुनिया का पाँचवां सबसे बड़ा हथियार आयातक था किंतु 2008-12 से 2013-17 के बीच निर्यात में 38% की वृद्धि के साथ चीन 5वें सबसे बड़े हथियार निर्यातक के रूप में उभरा है। पाकिस्तान (35%) और बांग्लादेश (19%) चीनी हथियारों के सबसे बड़े आयातक हैं।

13.मध्य-पूर्व एशिया में चल रहे संघर्षों के कारण 2008-12 से 2013-17 की अवधि में इस क्षेत्र में हथियारों की खरीदारी में 103 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली है।

14.2013-17 में इस क्षेत्र में कुल वैश्विक आयातों के 32% हथियारों का आयात हुआ। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने मध्य-पूर्व में सर्वाधिक हथियार निर्यात किये हैं।