भारत में होगा दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे पुल

जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बनाया जा रहा है, इसकी ऊंचाई एफिल टावर से करीब 35 मीटर अधिक होगी और इसके साल 2019 तक इसके तैयार हो जाने की उम्मीद है|

दुर्गम क्षेत्र में करीब 1100 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे अर्धचंद्र आकार के इस बड़े ढांचे के निर्माण में 24,000 टन इस्पात इस्तेमाल किया जाएगा और यह नदी के तल से 359 मीटर ऊंचा होगा|

दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में पहले से ही शुमार भारतीय रेलवे इसके साथ ही एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रहा है पुल निर्माण के बाद बारामूला से जम्मू तक का रास्ता साढ़े छह घंटे में तय किया जा सकेगा। अभी सड़क मार्ग से 13 घंटे लगते हैं। पुल का निर्माण कश्मीर रेल लिंक परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा है। पूरा होने पर यह पुल विश्व में इंजीनियरिंग का एक अजूबा होगा। इसे नेशनल प्रोजेक्ट घोषित किया गया।

खास विंदु

1.पुल निर्माण पर 1100 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

2.विश्व का सबसे ऊंचा रेल पुल अर्द्धचंद्र आकार के बडे ढांचा वाला होगा।

3.रेल पुल ढांचे के निर्माण में 24000 टन इस्पात का प्रयोग किया जाएगा।

4.नव निर्मित रेल पुल 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा को सहने में सक्षम होगा। 5.बक्कल (कटरा) और कौड़ी (श्रीनगर) को जोड़ने वाले इस पुल की लम्बाई 1.315 किलोमीटर होगी।

6.विश्व का सबसे ऊंचा यह रेल पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना का हिस्सा है, जो 111 किलोमीटर के इलाके को जोड़ेगा।

7.पुल के कार्य करने की क्षमता की अवधि 120 साल पुल तक होगी।

8.यह पुल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बेईपैन नदी पर बने चीन के शुईबाई रेलवे पुल (275 मीटर) का रिकॉर्ड तोड़ेगा|

9.रेल पुल की ऊंचाई नदी के तल से 359 मीटर होगी, जबकि एफिल टॉवर की ऊंचाई 324 मीटर है।

10.चीन में बेईपैन नदी पर बने शुईबाई रेलवे पुल की ऊंचाई 275 मीटर है। कुतुबमीनार की ऊंचाई 73 मीटर है। इस रेल पुल की ऊंचाई कुतुबमीनार से 5 गुणा अधिक होगी।

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