भौतकी का नोबल पुरस्कार -2016

स्‍टॉकहोम। डेविड थाउलेस, डंकन हालडेन और माइकल कोस्‍टेरलिट्ज को इस वर्ष के भौतिक विज्ञान के नोबेल पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया जाएगा। रॉयल स्‍वीडिश एकेडमी ऑफ साइंस की ओर से मंगलवार को बताया गया कि क्‍यों इन तीनों वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्‍कार से नवाजा गया है।एकेडमी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक तीनों को इनकी द्रव्‍य की अवस्‍थाओं पर रिसर्च करने की वजह से यह पुरस्‍कार दिया जाएगा। यह तीनों ही वैज्ञानिक ब्रिटिश मूल के हैं।

नोबेल कमेटी की तरफ से कहा गया कि इस बार के विजेताओं ने अबूझ दुनिया को समझने के लिए दरवाजे खोले हैं। इस रहस्यमयी स्थिति में तत्व कई रूपों में मौजूद हो सकता है और इन वैज्ञानिकों की खोज नए तत्वों की डिजाइनिंग में मदद करने वाली है।

82 वर्षीय डेविड थूल्स यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन से सेवामुक्त हो चुके है।

65 साल के डंकन हाल्डेन न्यूजर्सी की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में भौतिकी प्रोफेसर है।

73 वर्षीय माइकल कोस्टरलिट्ज ब्राउन यूनिवर्सिटी में भौतिकी के प्रोफेसर हैं।

उनका ये शोध 1970 और 1980 के दशक में किया गया था. कई बार नोबेल समिति दशकों पहले हुए शोधों को भी सम्मानित करती है जिससे ये सुनिश्चित होता है कि वे शोध आज भी मान्य हैं.इन तीनों वैज्ञानिकों ने एक ऐसी अनोखी दुनिया में दाखिल होने का रास्ता दिखाया है, जहां पदार्थ अनोखी अवस्थाएं ग्रहण करता है और अनोखे चरणों से गुजरता है.

उनकी इन खोजों को थियोरेटिकल डिस्कवरीज ऑफ टोपोलॉजिकल फेज ट्रांजिशन एंड टोपोलॉजिकल फेजिस ऑफ मैटर नाम दिया गया है.

एकेडमी की ओर से इन तीनों ही वैज्ञानिकों को उनकी खोज के लिए धन्‍यवाद दिया गया है। एकेडमी ने अपने बयान में कहा है कि अब इस खोज के द्रव्‍य के नए आयामों की तलाश की जाएगी। इन तीनों को पुरस्‍कार स्‍वरूप करीब आठ मिलियन की धनराशि दी जाएगी। एकेडमी के मुताबिक कई लोग अब इस खोज के बाद विज्ञान और इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स से जुड़े तत्‍वों की और एप्‍लीकेशन की उम्‍मीद कर रहे हैं। थाउलेस को पुरस्‍कार की राशि का आधा पुरस्‍कार दिया जाएगा तो वहीं हालडेन और कोस्‍टेरलिट्ज के बीच आधी रकम बांटी जाएगी।

पिछले पांच वर्षों में भौतिक शास्त्र के नोबेल विजेता

2015- तकाकी कजिता और आर्थर मैकडोनाल्ड- न्यूट्रीनो कैसे बदलते हैं अपना कलेवर की दिशा में खोज के लिए

2014- इसामू अकासाकी, हिरोसी अमानो और शुजू नकामूरा- पहला ऐसा डायोड बनाने के लिए जो नीली रोशनी उत्पन्न करे.

2013- फ्रांसिस एंगलर्ट और पीटर हिग्स- हिग्स कण के सिद्धांत के लिए.

2012- सर्ज हारोके और डेविड वाइनलैंड को प्रकाश और तत्व पर काम के लिए

2011- साउल पर्लमटर, ब्रायन पी स्मिट और एडम रिस को इस खोज के लिए कि ब्रम्हांड के फैलने की गति बढ़ रही है.