यूगोंग-1(चीन में चंद्रमा)

आज इंसान तरक्की के मार्ग पर बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है. जमीन पर रहने वाला इंसान अब चांद में बसने की कल्पना करने लगा है और इस कल्पना को हकीकत में कैसे तब्दील किया जाए इसकी तैयारियों में कई देश जुट गए हैं| तकनीक के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहे चीन ने तो चांद पर रहने के दौरान होने वाली परेशानियों के बारें में जानकारी जुटाने में लग गया है और इसी उद्देश्य के लिए 12 मई 2017 को चीन ने 160 स्क्वायर मीटर आकार की “यूगोंग-1” नामक प्रयोगशाला की स्थापना की। यह प्रयोगशाला वैज्ञानिकों को चंद्रमा सम्मान वातावरण का अनुकरण करने के लिए बनाई गई है।

महत्त्वपूर्ण तथ्य

1.बीजिंग के एस्ट्रोबिक्स अनुसंधान विश्वविद्यालय के चार स्नातकोत्तर छात्रों ने चंद्रमा पर इंसानों के लिए एक जैव जनरेटिव लाइफ-सपोर्ट बेस की स्थापना की।

2.यह प्रयोगशाला छात्रों को बाहर की दुनिया से अलग करने के लिए केबिन को अंदर से बंद करने का प्रावधान देती है ताकि दीर्घकालिक, आत्मनिहित अंतरिक्ष मिशन का अनुकरण किया जा सके।

3.यह केबिन बायो-किण्वन प्रक्रिया के माध्यम से मानव सिस्टम के उपचार की सुविधा प्रदान करती है। साथ ही भोजन और अपशिष्ट उत्पादों की मदद से प्रयोगात्मक फसलों को उगाने की भी सुविधा प्रदान करती है।

4.चीनी एजेंसियों के अनुसार यह कैबिन दुनिया का सबसे उन्नत जैव जनरेटिव लाइफ-सपोर्ट बेस का प्रतिनिधित्व करती है।

5.यूगोंग-1 विश्व का तीसरा जैव जनरेटिव लाइफ-सपोर्ट बेस है, जो पशु और सूक्ष्मजीवों के साथ-साथ पौधों और मनुष्यों को निवास करने की सुविधा प्रदान करता है।

6.यह कैबिन दो पौधे की खेती मॉड्यूल और चार बेड क्यूबिकल्स, एक कमरा, एक बाथरूम, एक अपशिष्ट उपचार कक्ष और जानवरों को बढ़ाने के लिए सुविधा कक्ष प्रदान करता है।

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