17वीं वार्षिक भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर वार्ता

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच 15 सितंबर को हुई शिखर वार्ता के बाद भारत और रूस के बीच 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें रक्षा सौदों से जुड़े महत्वपूर्ण समझौते भी शामिल हैं। इन सौदों की औपचारिक प्रकिया को पूर्ण कर इन पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों के बीच यह 17वाँ वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन था.

दोनों पक्षों के बीच आतंकवाद, रक्षा, सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के साथ कारोबार एवं निवेश बढ़ाने के विषय जैसे महत्वपूर्णमुद्दों पर चर्चा हुयी।

समझौते जो हुए ….

1.रूस और भारत के बीच अत्याधुनिक लॉंग रेंज एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर भी समझौता हुआ।

2.कोमोव हेलीकॉप्टर को लेकर भी दोनों देशों में समझौता हुआ।भारत ने रूस के साथ नौसेना के लिए इस्तेमाल में आने वाले चार जहाजों पर समझौता किया।

3.दोनों देशों के बीच गैस पाइपलाइन, आंध्र प्रदेश और हरियाणा में स्मार्ट सिटी, शिक्षा, ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने सहित कई क्षेत्रों में अन्य समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए।

4.दोनों नेता कुडनकुलम पावर प्लांट की तीसरी और चौथी इकाई के शिलान्यास में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।रक्षा क्षेत्र में सहयोग और मजबूत करने के लिए दोनों देश प्रतिवर्ष मिलिटरी इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस करेंगे।

5.ऊर्जा, अवसंरचना और रेलवे से सम्बन्धित कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

6.भारत में दो स्थानों पर रूस निर्मित 12 रिएक्टरों की स्थापना के लिए समझौता, जिसमें भारत की स्थानीय कंपनियों की सहभागिता होगी|

7.आंध्र प्रदेश में स्मार्ट सिटी और ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक सिस्टम विकसित करने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर साथ ही हरियाणा में स्मार्ट सिटी को लेकर समझौता हुआ|

8.संयुक्त पोत-निर्माण पर समझौता

9.रूसी अंतरिक्ष एजेंसी और इसरो के बीच अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता

10.दोनों देशों के बीच निवेश कोष बनाने पर समझौता

11.तेल एवं गैस, विज्ञान, वाणिज्य, अंतरिक्ष और व्यापार के क्षेत्र में समझौते

12.भारतीय और रूसी विदेश मंत्रालय के बीच सहयोग समझौता,इसके अलावा, दोनों देशों के बीच साइंस ऐंड टेक्नॉलजी कमीशन बनाने पर भी सहमति हुई। इसके तहत तकनीक का संयुक्त विकास, हस्तांतरण और उपयोग किया जाएगा।

रक्षा क्षेत्र में हुए समझौते –

1.एस-400 मिसाइल सिस्टम सौदे के तहत भारत रूस से अत्याधुनिक एस-400 वायु रक्षा प्रणाली ट्रायम्फ खरीदेगा। भारत ने वायु रक्षा प्रणाली के ऐसे पांच सिस्टम खरीदने की बात कही। इस रक्षा सौदे के बाद भारत इस मिसाइल को खरीदने वाला दूसरा देश होगा। इससे पहले चीन ने इस मिसाइल के लिए पिछले वर्ष रूस से अरबों डॉलर का सौदा किया था।

एस-400 प्रणाली एस-300 का ही उन्नत संस्करण है। यह प्रणाली पहले केवल रूसी सेनाओं के पास ही थी। रूस की अल्माज-अंते कंपनी इस रक्षा प्रणाली को बनाती है और यह 2007 से रूसी सेनाओं में शामिल है।

2.इसके अलावा रूस की भारत में संयुक्त उपक्रम के जरिए कामोव-226टी हेलीकॉप्टर बनाने की भी योजना है।

3.सुखोई 30-एमकेआई को उन्नत बनाने पर दोनों देशों के बीच बातचीत हुई।

4.परमाणु सहयोग के मुद्दे पर दोनों पक्ष एक जनरल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने और कुडनकुलम परियोजना के तहत इकाई-5 और इकाई-6 के लिए एक ऋण समझौता तैयार किया है|

5.एमआई-17 वी-5 मध्यम ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर भारत की कोशिश वायु सेना के लिए मध्यम क्षमता के 48 ऐसे हेलीकॉप्टर खरीदने की भी है। अभी तक भारत में ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टरों के रूप में एमआई-17 हेलीकॉप्टरों पर ही निर्भरता है।

6.सशस्त्र बलों को ले जाने के लिए इंफैट्री कॉम्बैट व्हिकल्स की खरीदारी के लिए भी भारत रूस से बातचीत कर रहा है। भारत रूस से ऐसे 100 से अधिक वाहन खरीदने की कोशिश में है।

7.भारत नेवी के लिए रूस से दो डीजल-इलेक्ट्रिक सबमरीन खरीदने के लिए भी बात कर रहा है। इसके अलावा परमाणु पनडुब्बी को लीज पर लेने की भी तैयारी भारत कर रहा है। रूस ने भारतीय नौसेना के लिए प्रोजेक्ट 1135 के तहत युद्धपोत बनाने के समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।

8.सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के विकास और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के निर्माण को लेकर भी भारत और रूस के बीच समझौते को अंतिम रूप दिया गया।