December 20,2018 # इसरो ने किया जीसैट-7A संचार उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

इसरो ने किया जीसैट-7A संचार उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

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श्रीहरिकोटा से इसरो के वैज्ञानिकों ने कम्युनिकेशन सैटलाइट GSAT-7A का सफल प्रक्षेपण किया। इसमें 4 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिनके जरिए तकरीबन 3.3 किलोवॉट बिजली पैदा की जा सकती है। Gsat-7A से वायुसेना के एयरबेस इंटरलिंक होंगे साथ ही इसके जरिए ड्रोन ऑपरेशंस में भी मदद मिलेगी यानी इससे वायुसेना की नेटवर्किंग क्षमता मजबूत होगी.

जीसैट-7ए का वजन 2,250 किलोग्राम है। ये केयू-बैंड में संचार की सुविधा उपलब्ध करवाएगा। इसरो का यह 39वां संचार सैटलाइट है और इसे भारतीय वायुसेना को बेहतर संचार सेवा देने के खास इरादे के साथ ही लॉन्च किया गया है। इसरो के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जीएसएलवी-एफ11 की यह 13वीं उड़ान है और सातवीं बार यह इंडीजेनस क्रायोनिक इंजन के साथ लॉन्च किया गया है।

ट्रंप ने अंतरिक्ष कमान के गठन पर किए हस्ताक्षर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘अंतरिक्ष कमान’ बनाने का आदेश दिया । यह पेंटागन में एक नया संगठनात्मक ढांचा होगा, जिसका सैन्य अंतरिक्ष अभियानों पर समग्र नियंत्रण होगा । इस बारे में ट्रंप ने रक्षा मंत्री जिम मैटिस को एक मेमो भेजा, जिसमें उन्होंने कहा, ‘मैं अमेरिका के कानून के मुताबिक ‘यूनाइटेड स्टेट्स स्पेस कमांड’ को कार्यात्मक एकीकृत युद्धक कमान के तौर पर स्थापित करने का निर्देश देता हूं ।’  बता दें कि नई कमान ट्रंप की नई सैन्य इकाई ‘स्पेस फोर्स’ बनाने के लक्ष्य से अलग है लेकिन यह उस दिशा में एक कदम हो सकता है। ट्रंप ने एक्शन ऐसे समय में लिया है जब रूस और चीन अमेरिकी सैटलाइट्स को बाधित और जड़ से खत्म करने के लिए कोई न कोई राह तलाश रहे हैं।

अंग्रेजी के मशहूर साहित्यकार अमिताव घोष ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित

अंग्रेजी के मशहूर साहित्यकार अमिताव घोष को वर्ष 2018 के लिए 54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया है । प्रतिभा रॉय की अध्यक्षता में आयोजित ज्ञानपीठ चयन समिति की बैठक में ये निर्णय लिया गया। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित होने वाले वह देश के अंग्रेजी के पहले लेखक हैं।

कोलकाता में 1956 को जन्में अमिताव घोष को लीक से हटकर काम करने वाले रचनाकार के तौर पर जाना जाता है। वह इतिहास के ताने बाने को बड़ी कुशलता के साथ वर्तमान के धागों में पिरोने का हुनर जानते हैं।घोष साहित्य अकादमी और पद्मश्री सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं।

जम्मू-कश्मीर में छह महीने का राज्‍यपाल शासन खत्‍म होने के बाद आज आधी रात से राष्ट्रपति शासन लागू होगा

जम्‍मू-कश्‍मीर में छह महीने का राज्‍यपाल शासन समाप्‍त होने के बाद आज आधी रात से राष्‍ट्रपति शासन लागू हो जाएगा। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश  पर आज इस आशय का आदेश जारी किया।

लोकसभा ने सरोगेसी नियमन विधेयक-2016 पारित किया

लोकसभा में किराये की कोख यानी सरोगेसी नियमन विधेयक, 2016 हंगामे के बीच पारित हो गया। विधेयक का उद्देश्य व्यापार की नीयत से कोख को किराए पर देने की प्रक्रिया और इससे संबंधित अनैतिक कार्यों पर रोक लगाना है। विधेयक में राष्ट्रीय स्तर और राज्यों में सरोगेसी बोर्ड के गठन और इसके नियमन के लिए उपयुक्त अधिकारियों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। विधेयक में केवल उन्हीं दम्पतियों को कोख किराए पर लेने की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है, जो बच्चा पैदा करने में असमर्थ हैं। ऐसे दम्पति का पांच वर्ष का शादीशुदा होना और भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।

आईपीएल की नीलामी में सबसे मंहगें जयदेव उनादकट और वरुण चक्रवर्ती

इंडियन प्रीमियर लीग 2019 के लिए जयपुर में खिलाड़ियों की नीलामी लगी। जिसमें कुछ चौंकाने वाले नाम सामने आये जैसे जयदेव उनादकट और वरुण चक्रवर्ती 8 करोड़ 40 लाख में बिके वहीं  युवराज सिंह को मुंबई इंडियंस ने उनके बेस प्राइस 1 करोड़ में ही खरीदा। अक्षर पटेल को अपनी टीम में शामिल करने के लिए डेल्ही कैपिटल्स ने 5 करोड़ रूपये की बोली लगाई। वहीं शिवम दुबे को 5 करोड़ में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने खरीदा। ऑलराउंडर मोहित शर्मा की बात करें तो उन पर चैन्नई सुपर किंग्स  ने 5 करोड़ रूपये खर्च किए तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पर किंग्स इलेवन पंजाब ने 4 करोड़ 80  लाख रूपये की बोली लगाई। विदेशी खिलाड़ियों की बात करें तो वेस्टइंडीज के कार्लोस ब्रेथवेट को  कोलकाता नाइट राइडर्स ने 5 करोड़ में खरीदा वहीं कॉलिन इंग्रम को डेल्ही कैपिटल्स ने 6 करोड़ 40 लाख रूपये दिए।

इंग्लैड के ऑलराउंडर सैम करन को  किंग्स इलेवन पंजाब ने 7 करोड़ 20 लाख की भारी भरकम राशि दी, विदेशी खिलाड़ियों में सैम करन सबसे महंगे बिके। 15 वर्षीय प्रयास रॉय को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने 1 करोड़ 50 लाख रूपए में अपनी टीम में शामिल किया।

बैल्जियम के प्रधानमंत्री चार्ल्‍स मिशेल ने प्रवासन से संबंधित मुद्दे पर त्‍यागपत्र दिया

बेल्जियम के प्रधानमंत्री चार्ल्स मिशेल ने प्रवासन से संबंधित संयुक्त राष्ट्र वैश्विक समझौते का समर्थन करने के कारण उनकी सरकार पर बढ़ते हुए दबाव के कारण अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ब्रसेल्‍स में संयुक्‍त राष्‍ट्र समझौते के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे। संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों के उनकी अल्‍पसंख्‍यक सरकार को समर्थन देने से इंकार के बाद उन्‍होंने कल त्‍यागपत्र देने की घोषणा की थी। बेल्जियम में अगले वर्ष संसदीय चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री के त्‍यागपत्र से जल्‍द चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है।