क्या आप जानते हैं-अनजाना फल

अनजाना फल – जिन फलों का नाम भी नहीं मालूम हो, जिनको खाने से लाभ या हानि का भी पता न हो, यदि वे जहरीले होंगे तो आत्मघाती भी हो सकता है, इसलिए वे अभक्ष्य हैं । पाँच प्रकार के उदम्बर फल-...

क्या आप जानते हैं-बैंगन

बैंगन – यह कन्दमूल तो नहीं है परन्तु इसमें भी बीज बहुत होते हैं तथा इसकी टोपी में सूक्ष्म त्रस जीव रहते हैं । बात, पित्त, कफ वर्धक तथा आलस्य बढाने वाला है । इसके खाने से मन में तामसिकता व...

क्या आप जानते हैं- बर्फ

बर्फ – यह दो प्रकार की होती है – (अ) प्राकृतिक – शीत प्रदेशों में ऊँचे पर्वतों पर गिरने वाला हिमपात । शीतकाल में स्नोफॊल होता है तथा गर्मी में पिघलकर पानी बन जाती है । (ब) कृत्रिम – मशीनों से...

क्या आप जानते हैं- अनन्तकाय – (कंद-मूल आदि)

अनन्तकाय – (कंद-मूल आदि) वनस्पति दो प्रकार की है । एक प्रत्येक तथा दूसरी साधारण । प्रत्येक वनस्पति में एक शरीर में एक जीव होता है, जैसे फल आदि । साधारण वनस्पति के एक शरीर में अनन्त जीव रहते हैं ।...

क्या आप जानते हैं- चलित रस

समय व्यतीत होने के साथ वस्तुओं के रंग, रस, गंध, स्पर्श बिगड जाने से उस वस्तु का रस चलित हो जाता है । उस समय दो इन्द्रिय जीवों की उत्पत्ति होती है । जैसे – बासी अन्न, साग-सब्जी, चावल, दाल, आदि रात्रि...

क्या आप जानते हैं- अनन्तकाय

कन्दमूल, बर्फ आईसक्रीम – आलू, प्याज, लहसुन, हरी हल्दी, अदरक, मूली, शकरकंद, गाजर आदि अनेक प्रकार की वनस्पतियाँ अनन्तकाय कहीं जाती हैं । अर्थात् जिस जीव के एक शरीर में अनन्त जीव रहते हों, वह अनन्तकाय है । ऐसी वनस्पतियाँ खाने...

क्या आप जानते हैं – द्विदल भोजन

दाल आदि दो दल वाले पदार्थाें को द्विदल कहा जाता है । ऐसे पदार्थ दही या कच्चे दूध-छाछ के साथ मिलाने से उनमें तुरन्त बेइन्द्रिय जीवों की उत्पत्ति होने लगती है । जीव हिंसा के साथ-साथ चर्म रोग भी बढते हैं,...

क्या आप जानते हैं – रात्रि भोजन

 रात में भोजन करने से खाद्य पदार्थाें में अनेक सूक्ष्म जीव-जंतु, कीट-पतंगे मिलकर पेट में चले जाते हैं । ऐसा त्रस जीव युक्त भोजन शाकाहारी कैसे हो सकता है ? अर्थात् रात को खाना मांसाहार करने के समान है । अनेक...

क्या आप जानते हैं – शराब

 शराब का अर्थ है सडा हुआ पानी । सभी प्रकार की शराब अगणित असंख्य जीवों की हत्या से ही बनती है । शराब पीने वाले की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है । उसकी भावनाएँ उत्तेजित और दूषित रहती हैं । समझने-सोचने...